पहले योगी फिर मोदी -ये वन लाइनर टारगेट हैं

Yogi-Adi-HA.jpg.webp
श्रीरामन्मभूमि अयोध्या मंदिर में चढ़ावा चोरी वाले प्रकरण के जो भी अपराधी हों, उन्हें कठोर दंड मिलना चाहिए।

किन्तु- मैं भी जिस मीडिया का हिस्सा हूं। वो मीडिया— भाजपा, संघ को लेकर अभी भी कैसी मानसिकता रखता है? कांग्रेस और वामपंथियों की लाइन में ये मीडिया कैसे नैरेटिव गढ़ता है? अगर उसके मूल चरित्र को बारीकी से समझना है तो अयोध्या प्रकरण में ‘निष्पक्षता’ के चोले, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर RSS को टारगेट करने के कुंठित फुटप्रिंट और पंच से आसानी से समझा जा सकता है। आप कंटेट एनालिसिस कीजिए तो समझ आएगा कि—ये पूरा विमर्श ही सत्ता के खेल के इर्द-गिर्द रचा जा रहा है।

इसके साथ ही आरएसएस को लेकर कर्नाटक का प्रियंक खरगे प्रसंग और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी के चरणों में नतमस्तक होने के दृश्यों को देखिए। वो भी तब जब राहुल और कांग्रेस दिन रात मीडिया को गाली देते हैं।‌ आज भी भाजपा की सत्ता के विज्ञापन से पोषित होने वाले चैनलों में शीर्ष पर नीति नियंता के तौर पर थोक के भाव वामपंथी और कांग्रेसी बैठे हुए हैं। जो मोदी को हिटलर कहते हैं, सभी सांविधानिक संस्थाओं को लेकर अविश्वास का वातावरण निर्मित कर रहे हैं। ये कह रहे हैं कि सारी एजेंसियां सब मोदी और भाजपा के इशारे पर चल रही हैं। कुछ नहीं होगा।— ये नैरेटिव किसका है? स्पष्ट है सोरोस गैंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शब्दों में मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस का…किन्तु क्या इस ओर क्या किसी का ध्यान है?

श्रीराम मंदिर प्रकरण से लेकर ये सारे नैरेटिव हमारे भारतीय स्वाभिमान, हिन्दू अस्मिता और मानबिंदुओं को आघात करने के लिए गढ़े जा रहे हैं। हिन्दुत्व के उत्कर्ष की चमक को फीकी करने के सुनियोजित कृत्य हैं। स्वामी विवेकानन्द के शब्दों में — भारतीय मन सबसे पहले धार्मिक है,उसके बाद कुछ और’ ; इस पर प्रहार प्रहार जारी हैं।

पहले योगी फिर मोदी -ये वन लाइनर टारगेट हैं। बाक़ी सब टूलकिट हैं। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो समाज के मानस को ये कालनेमि सशंकित बना देंगे।

Share this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

scroll to top