लेकिन दिल्ली से पंजाब की ओर रुख करें तो तस्वीर कुछ और ही है। पंजाब, जहां आप की सरकार है, शिक्षा व्यवस्था की हालत बेहद खस्ता है। सरकारी स्कूलों में शिक्षक कम, बुनियादी सुविधाएं नदारद, ड्रॉपआउट रेट ऊंचा और युवा बेरोजगारी चरम पर। केजरीवाल जी जब पंजाब में सत्ता में आए थे तो वादा किया था – “मॉडल स्कूल, मॉडल शिक्षा”। आज स्थिति यह है कि पंजाब के कई जिलों में स्कूल बंद हो रहे हैं या बस नाम को चल रहे हैं।

कानून व्यवस्था की बात करें तो पंजाब में अपराध, नशीले पदार्थों का तस्करी और युवाओं का पलायन रोजमर्रा की खबर बन चुका है। जहां एक तरफ केजरीवाल जी केंद्र पर मांग कर रहे हैं, वहीं अपनी सरकार वाले राज्य में ‘डिलिवरी’ का हाल यह है कि जनता सड़कों पर उतर रही है।
सवाल उठता है – अगर केजरीवाल जी को सोनम वांगचुक पर इतना भरोसा है तो उन्हें पंजाब का मुख्यमंत्री क्यों नहीं बना देते? सोनम जी पंजाब आकर शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण में अपरिवर्तनकारी काम कर दिखाएं। अगर पंजाब में उनका मॉडल सफल हो गया तो अगले चुनाव में आप के लिए एक उम्मीद तो जगेगी, क्योंकि फिलहाल तो हार लगभग तय नजर आ रही है।
केजरीवाल जी, सड़क से मांग करते-करते, आप सत्ता के मंच तक आ गए, अब मांगना छोड़िए और डिलिवरी करके दिखाइए। पंजाब में आपकी सरकार है। यहां-वहां मांगना छोड़िए, पंजाब की गद्दी सोनम जी को सौंप दीजिए। इससे देश भर के युवाओं को सकारात्मक संदेश जाएगा कि आप सिर्फ नौटंकी नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने की काबिलियत भी रखती है। सोनम जी भी साबित कर पाएंगे कि वे जो कहते हैं, उसे कर भी सकते हैं।
इसके साथ ही आप के पूर्व 5-7 कर्मचारियों को, जिन्हें केजरीवाल जी ने जंतर मंतर के नए काम पर लगाया है, आईटी सेल में वापस बहाल कर लें। वे सोशल मीडिया और व्हाट्सएप संभालने में माहिर हैं। सोनम की पंजाब सरकार में भी ये काम जारी रख सकते हैं।
कुल मिलाकर, केजरीवाल जी, अब ‘मांग’ वाली राजनीति से ऊपर उठकर ‘काम’ वाली राजनीति दिखाइए। पंजाब इंतजार कर रहा है।



