आगरा । आगरा की सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनें, यूरोप की तरह हो लेन अनुशासन
जेब्रा क्रॉसिंग, लाल रंग की साइकिल लेन, ट्रैफिक कैमरे और बेवजह हॉर्न पर रोक की मांग
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आगरा, 4 अक्टूबर।
आगरा में सड़क पर चलना अब सामान्य नागरिक के लिए भी किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं है। स्कूली बच्चे तेज रफ्तार वाहनों से बचते हुए सड़क पार करते हैं, बुजुर्ग टूटे और अतिक्रमित फुटपाथों के कारण सड़क पर चलने को मजबूर हैं और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित रास्ते लगभग गायब हैं।
रिवर कनेक्ट कैंपेन ने संडे शाम को आयोजित सभा में टीटीजेड अध्यक्ष, मंडलायुक्त, नगर निगम और यातायात पुलिस से आगरा में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के अधिकार और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू करने की मांग की है।
यमुना आरती भक्तों ने का तौर पर, मांग की “यमुना किनारा रोड पर, किले से वाटर वर्क्स तक लाल रंग से रंगी अलग लेन चिह्नित की जाए जिस पर सिर्फ पैदल और साइकिल वाले चलें, जेब्रा crossings paint किए जायें, होम गार्ड्स को नियुक्त किया जाए ताकि ट्रैफिक रोक कर, पैदलीय सड़क क्रॉस करें। आए दिन उत्सव, विसर्जन, जुलूस, झांकिया, निकालने के लिए अलग मार्ग चिह्नित करें, ताकि पूरी व्यवस्था सुचारू पूर्वक चलती रहे। जब सारी दुनिया के शहरों में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए वन वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाती है तो आगरा में ही क्यों नहीं हो पाती? इसका जवाब पुलिस या प्रशासन दे।
बृज खंडेलवाल ने कहा कि हाल में यूरोप की यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि वहां सड़क व्यवस्था में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। लाल रंग से स्पष्ट साइकिल लेन, चौड़ी जेब्रा क्रॉसिंग, पैदल यात्री सिग्नल, निर्धारित लेन और कैमरों से लगातार निगरानी सड़क अनुशासन का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, “आगरा को भी अब गाड़ियों का शहर नहीं, लोगों का शहर बनाने की जरूरत है। सड़क पर पहला अधिकार इंसान का होना चाहिए, केवल मोटर वाहन का नहीं।”
उन्होंने मांग की कि आगरा की प्रमुख सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए स्पष्ट और बाधामुक्त फुटपाथ तथा साइकिल चालकों के लिए अलग लेन बनाई जाए। साइकिल लेन को लाल रंग से स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाए और फुटपाथों पर पार्किंग तथा अतिक्रमण पूरी तरह रोका जाए।
सभी प्रमुख चौराहों, स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर बोल्ड और चमकीले जेब्रा क्रॉसिंग बनाए जाने चाहिए। व्यस्त चौराहों पर पैदल यात्रियों के लिए अलग ट्रैफिक सिग्नल भी लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि आगरा को लेन अनुशासन की नई संस्कृति सिखाने की जरूरत है। गलत दिशा में वाहन चलाना, लालबत्ती तोड़ना, खतरनाक ओवरटेकिंग, फुटपाथ या साइकिल लेन पर वाहन चलाना और अवैध पार्किंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई होनी चाहिए। “बेवजह हॉर्न बजाना भी सड़क अनुशासन का उल्लंघन है। हर चौराहे पर हॉर्न बजाना कोई उपलब्धि नहीं है। यह शहर के लोगों के कान और दिमाग दोनों पर हमला है।”
रिवर कनेक्ट अभियान ने प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर आधुनिक सीसीटीवी और यातायात निगरानी कैमरे लगाने की मांग की। इन कैमरों से केवल चालान ही नहीं, बल्कि यातायात के व्यवहार और सड़क सुरक्षा की लगातार निगरानी की जानी चाहिए।
ताजमहल आने वाले विदेशी और देशी पर्यटकों के लिए भी सुरक्षित पैदल मार्ग जरूरी हैं। फतेहाबाद रोड, एमजी रोड, सिकंदरा, शाहगंज और यमुना किनारे के मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर पैदल यात्री अनुकूल बनाया जाना चाहिए।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि “जिस शहर में बच्चा सुरक्षित सड़क पार न कर सके, बुजुर्ग फुटपाथ पर न चल सके और साइकिल चालक सड़क पर अपनी जान बचाता फिरे, उसे स्मार्ट सिटी कहने का कोई अर्थ नहीं है।” उन्होंने प्रशासन से आगरा के 25 सबसे खतरनाक चौराहों और सड़क मार्गों की पहचान कर तत्काल सुधार योजना बनाने तथा उसके लिए निश्चित समय सीमा तय करने की मांग की।
पर्यावरणविद डॉ देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा सुरक्षित पैदल मार्ग केवल सुविधा का मामला नहीं है। यह नागरिकों की गरिमा, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और आगरा की पर्यटन छवि से जुड़ा सवाल है।
वाहनों से पहले, इंसानों की कद्र करो, इज्जत दो।
रिवर कनेक्ट कैंपेन ने मांग की है कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में नगर निगम, विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी और यातायात पुलिस की संयुक्त बैठक बुलाकर ‘आगरा पैदल यात्री और साइकिल सुरक्षा योजना’ बनाई जाए और उसकी प्रगति सार्वजनिक की जाए।
अंतिम सवाल यही है: आगरा की सड़कें आखिर किसके लिए हैं; सिर्फ गाड़ियों के लिए या उन इंसानों के लिए भी, जो इस शहर में रहते और इसे देखने आते हैं?
आज सांय सभा में सर्वश्री रंजन शर्मा, राज कुमार माहेश्वरी, चतुर्भुज तिवारी, सत्यम शर्मा, राजवीर सिंह एडवोकेट, मुकेश चौधरी, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, प्रशांत कौशिक, आदि उपस्थित रहे।
वाहनों से ज्यादा इंसानों को इज्जत दो



