दिल्ली । न्याय भाषा भारती’ के तत्वावधान में दिल्ली उच्च न्यायालय (एस-ब्लॉक, 6वीं मंजिल स्थित लाउंज) में “भाषा का सम्मान, राष्ट्र का गौरव” के केंद्रीय भाव के साथ ‘हिंदी दिवस एवं वंदे मातरम् सम्मान समारोह’ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि दिल्ली सरकार के कानून मंत्री श्री कपिल मिश्रा ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में विहिप, इंद्रप्रस्थ के प्रांत संगठन मंत्री श्री सुबोध चंद्र की भी विशेष गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह को संबोधित करते हुए विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक गौरव को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति या संवाद का माध्यम मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारी अस्मिता, समृद्ध संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की सुदृढ़ शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र में जनसामान्य की भाषा को गौरवपूर्ण स्थान मिलना स्वाभिमान तथा सुलभ न्याय, दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव जगाने वाले अमर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रत्येक देशवासी के भीतर राष्ट्रभक्ति और गौरव का संचार करता है।
समारोह में न्याय, विधि, धर्म और सामाजिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) श्री चेतन शर्मा , सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री प्रदीप राय, अखिल भारतीय संत समिति के आचार्य शुभैन शर्मा , अधिवक्ता परिषद दिल्ली के प्रांत अध्यक्ष अधिवक्ता संजय पोद्दार एवं अधिवक्ता फैज़ल ख़ान प्रमुख रहे। इस सफल आयोजन में न्याय भाषा भारती के मार्गदर्शक श्री कामेश्वर नाथ मिश्र , अध्यक्ष डॉ. प्रदीप शर्मा , संयोजक श्री संतोष कुमार राउत , महामंत्री श्री माधव कृष्ण दुबे तथा संचालिका सुश्री विधि गुप्ता की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र वंदना और सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ हुआ।



