नई दिल्ली। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन में ही मौजूद हैं और 20 जुलाई तथा उसके बाद हुई घटनाओं पर करारा जवाब देने की पूरी तैयारी कर चुके हैं। मंत्री महोदय आधी-अधूरी बात नहीं, बल्कि पूरा सच संसद के पटल पर रखेंगे। एक-एक आरोप, एक-एक सवाल का जवाब देने की रणनीति तैयार है। न कोई बात दबाई जाएगी, न कोई तथ्य छुपाया जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि अमित शाह लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पैलेट गन समेत बल प्रयोग की पूरी कहानी बताएंगे। लाठी चलने से पहले क्या हुआ था? आंसू गैस के गोले कब और क्यों छोड़े गए? पैलेट गन का इस्तेमाल किस स्थिति में हुआ? ये सारी बातें मिनट-दर-मिनट, कदम-दर-कदम सदन में रखी जाएंगी। एक नैरेटिव बनाया गया था कि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रहा था और अचानक पुलिस प्रदर्शनकारियों पर टूट पड़ी। यह झूठ बार-बार दोहराया गया, जिससे असली घटनाक्रम दब गया। अब गृह मंत्री उस झूठ का पर्दाफाश करेंगे। अगर बल प्रयोग हुआ तो उसे भी स्पष्ट रूप से स्वीकार किया जाएगा और आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए भी सोच-विचार चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार जंतर-मंतर पर बैठने की अनुमति दी गई थी, लेकिन संसद के अंदर घुसने की नहीं। जंतर-मंतर से आगे संसद मार्ग, जनपथ, कनॉट प्लेस और टॉलस्टॉय मार्ग पर क्या-क्या हुआ, इसकी पूरी तस्वीर पेश की जाएगी। संसद के दरवाजे क्यों बंद करने पड़े, यह भी बताया जाएगा। जंतर-मंतर से लगातार गालियां दी जा रही थीं। देश के प्रधानमंत्री, मंत्रियों और देश की सेना के जवानों के बारे में भद्दी-भद्दी बातें कही जा रही थीं। नेपाल बनाने जैसी बातें भी हो रही थीं। कौन लोग ये गालियां निकाल रहे थे? कौन देश की सेना को बदनाम कर रहा था? इन सवालों के जवाब भी शाह देंगे।
सूत्र बताते हैं कि 19 और 20 जुलाई को गालियों का सिलसिला चरम पर था। एक लड़की दिल्ली की नहीं, बल्कि बिहार के औरंगाबाद जिले से बुलाई गई थी। उसने बकायदा इंस्टाग्राम पर वीडियो डाला था, जो अब हटा लिया गया है। हरियाणा से एक इंफ्लूएंसर को भी जंतर-मंतर लाया गया था, जिसने प्रधानमंत्री के बारे में अपशब्द कहे। अब वह अफसोस जता रहा है और वीडियो हटाने की बात कर रहा है। छोटे-छोटे बच्चों का ब्रेनवॉश करके उनसे गाली-गलौज वाले वीडियो बनवाने वाले लोग कौन थे? मोदी सरकार इन सब सच्चाइयों को खुलकर संसद में रखना चाहती है।
सूत्रों का कहना है कि अमित शाह आधी बात नहीं, पूरी बात बताएंगे। 20 जुलाई की घटना, उसके बाद के घटनाक्रम और बीती रात जो कुछ हुआ, सब पर जवाब तैयार है। कोई भी आरोप बिना जवाब के नहीं छूटेगा। केंद्र सरकार का मकसद साफ है—पूरी सच्चाई सामने आए, ताकि गलत नैरेटिव का अंत हो सके।



