बिहार में बीजेपी की सरकार और आरजेडी से मुख्यमंत्री !

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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया निर्णयों को देखकर लगता है कि वे बीजेपी के मुख्यमंत्री कम, बल्कि जदयू-राजद-कांग्रेस की विचारधारा वाले नेता अधिक हैं। जिन्होंने उन्हें सत्ता सौंपी, उसी बीजेपी के प्रति उनका रवैया उदासीन नजर आता है, जबकि विपक्षी अपराधियों को सुविधाएं दी जा रही हैं।

सबसे विवादास्पद फैसला पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को Z-श्रेणी सुरक्षा बहाल करना है। लालू यादव फॉडर घोटाले में कई मामलों में दोषी सिद्ध हो चुके हैं-उन्हें कुल 14 वर्ष से अधिक की सजा हुई है, जिसमें चारा घोटाला, दोरंडा खजाना मामले आदि शामिल हैं।

एक सजा-प्राप्त अपराधी को बुलेटप्रूफ कार और क्विक रिस्पांस टीम क्यों? बिहार सरकार इस सवाल का जवाब क्यों नहीं दे रही? कुछ हफ्ते पहले सुरक्षा घटाई गई थी, फिर राजनीतिक दबाव में बहाल कर दी गई। यह फैसला कानून के शासन के बजाय तुष्टिकरण की ओर इशारा करता है।

सम्राट जी बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को महत्व नहीं देते। पार्टी के कई स्थानीय नेता शिकायत करते हैं कि उन्हें विकास कार्यों में तरजीह नहीं मिल रही, जबकि विपक्ष के पुराने सहयोगियों और राजद परिवार पर नरम रवैया अपनाया जा रहा है। सरकारी बंगलों को खाली कराने का नाटक किया गया, लेकिन अंत में सुरक्षा और सुविधाएं बहाल।

शिक्षा में निजी स्कूलों पर नरम फीस नीति, महिलाओं की ‘पिंक पोलिसिंग’ जैसी योजनाएं राजद-कांग्रेस की छवि को मजबूत करती हैं, न कि बीजेपी की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की मूल भावना को।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा है, लेकिन पुराने राजद-जदयू काल के बड़े घोटालों में गहरी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। बीजेपी कार्यकर्ता निराश हैं-वे सोचते हैं कि जिन्होंने सम्राट जी को मुख्यमंत्री बनाया, उसी पार्टी की विचारधारा और संगठन की उपेक्षा क्यों? उनके पास आरजेडी के ‘खलनायक’ को हीरो बनाने का समय है, लेकिन बीजेपी के कार्यकर्ताओं के लिए नहीं।

सम्राट चौधरी के लिए उंगलबाज.कॉम की सलाह है कि जिस बीजेपी ने आपको मुख्यमंत्री बनाया उसके कार्यकर्ताओं की भी थोड़ी चिंता कर लीजिए। अपने मूल संगठन, कार्यकर्ताओं और बीजेपी की मूल विचारधारा (राष्ट्रीय सुरक्षा, भ्रष्टाचार मुक्ति, हिंदुत्व) को प्राथमिकता दीजिए। विपक्ष को खुश करने से बिहार की प्रगति नहीं होगी, बल्कि जनता का विश्वास टूटेगा। एनडीए की मजबूती तभी संभव है जब बीजेपी की पहचान बनी रहे, न कि आप राजद-कांग्रेस की छाया बन जाए।

बिहार की जनता आपके फैसलों पर नजर रखेगी।

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