दयानंद पांडेय
लखनऊ । समझ नहीं आया कि काकरोचों को पकड़ने जहाज में आज सुबह दिल्ली पुलिस की महिलाएं ही क्यों भेजी गईं l इस बाबत किसी के पास कोई अटकल, कोई सुराग़, कोई कुचर्चा , चर्चा या नीति के बारे में जानकारी हो तो बताए भी l
महिलायें तो अमूमन काकरोच , छिपकली आदि से भयानक रूप से डर जाने के लिए परिचित हैं l मेरी पत्नी तो बहुत डरती हैं l लखनऊ में एक महिला आई पी एस अफसर मेरी बहुत अच्छी दोस्त रही हैं l खाने, पकाने और खिलाने का उन का शौक़ उन्हें किचेन में पहुंचा देता है l किचेन में काकरोच देख कर उन्हें भी सहमते और चिल्लाते हुए देखा है l इतना कि एक बार तो मैं ही डर गया उन के चिल्लाने से l
काकरोच और छिपकली के चक्कर में पत्नी तो अकसर डराती और सताती रहती हैं l आज ही सुबह नोएडा से वापस लखनऊ लौटा तो बालकनी का दरवाज़ा खोलते समय दरवाज़े पर छिपकली छू गई l वह दहाड़ मार कर चिल्लाईं और गिर पड़ीं l कमर घायल है l बिस्तर पर आ गई हैं l कम से कम पंद्रह दिन तो अब सतायेंगी ही l ज़्यादा भी हो सकता है l सुबह-सुबह चिल्ला कर जो डराया सो अलग l पानी भी मांग कर पीने वाला अब उन्हें पानी परोस रहा हूं l और भी सब कुछ l
तो क्या मुंबई से आज जहाज से दिल्ली आए तीनों काकरोचों से दिल्ली पुलिस की यह महिलाएं नहीं डरीं ? क्या इन काकरोचों में वह झब्स नहीं , जो उन्हें डरा सके l अलबत्ता इन की गिरफ्तारी के बाद जहाज़ में उपस्थित कुछ महिला यात्री , मारे ख़ुशी के भारत माता की जय का उदघोष करने लगीं l तो दीपके ने प्रतिवाद में शेम शेम जैसा कुछ बोला तो एक महिला बड़ी तल्ख़ी से उस से बोली , शेम आन यू ! बंदर जैसा मुँह बना कर दीपके निकल गया l
तो क्या शेम आन यू ! अंग्रेजी में कहने से काकरोच स्त्रियों से डर जाते हैं और स्त्रियां निडर हो जाती हैं ?



