बाबा सत्यनारायण मौर्या
भोपाल । फ्री में UPI कब तक दें…. ठीक है लेकिन बाकी हजारों करोड़ फ्री की योजनाये चल रही है … वे क्या उचित हैं ? भाजपा सरकार ने देश को आर्थिक रूप से कई मामलों में मजबूत किया है मान लिया लेकिन चुनाव के समय ऐसे कदम उठाये तो भविष्य में जो आयेंगे क्या वे इस धन की बंदरबांट करके ख़त्म नहीं कर देंगे ?
इण्डिया शाइनिंग का हाल पार्टी पहले देख चुकी है. मुफ्त में मकान, अनाज और बाकी सामान जिन्हें बांटा है उन्होंने क्या दिया है ? आज भी वे केश का ही धंधा करते है. उन्हें टेक्स से मतलब है ही नहीं . जो समाज एक नम्बर की मुख्य धारा में आ रहा है उसे और नाराज करने से क्या मिलेगा ? उनसे जो लात मिलेगी वो कितनी जोरदार होगी… इसे चिदंबरम बहुत अच्छी तरह समझ रहे हैं। कोई मूर्ख नही है जो समर्थन कर रहे हैं।
ये जिओ वाली टेक्नीक है पहले फ्री बांटो फिर आदत लग जाने पर काटो. सरकार शुरू से ही यदि ये भार लगा देती तो आज हंगामा नहीं मचता ! बाद में आरक्षण जैसी स्थिति तो होगी ही.
हालांकि ये रकम जनता के लिए भी छोटी सी है और सरकार के लिए तो न के बराबर ही है. लेकिन ये वही कदम है जो देश को फिर से काले धन की और ले जायेगा.
सरकार को इस कदम को क्या कहा जाए … पडी लकड़ी लेना या कुल्हाड़ी पर पैर मारना. जब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का चुनाव हो तब इसे कदम उठाना क्या माना जाएगा ? मीडिया तो इसकी तारीफ़ करेगा ही क्योंकि सरकार आपकी है. सोशल मीडिया की टीम भी समझाने की कोशिस करेगी लेकिन उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि इससे सरकार पर बोझ बढेगा लेकिन बाकी की हजारो करोड़ की मुफ्त बांटों की योजनाओं से सरकार का कौन सा खजाना भर रहा है.?
सरकार को इस कदम को क्या कहा जाए … पडी लकड़ी लेना या कुल्हाड़ी पर पैर मारना. जब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का चुनाव हो तब इसे कदम उठाना क्या माना जाएगा ? मीडिया तो इसकी तारीफ़ करेगा ही क्योंकि सरकार आपकी है. सोशल मीडिया की टीम भी समझाने की कोशिस करेगी लेकिन उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि इससे सरकार पर बोझ बढेगा लेकिन बाकी की हजारो करोड़ की मुफ्त बांटों की योजनाओं से सरकार का कौन सा खजाना भर रहा है.?
अगर upi फ्री भी है तो भी उससे ज्यादा GST तो मिल ही रहा है न ! उससे पेट नही भर रहा है सरकार का ! कान तो वैसे भी पकड़ ही रखा है न।
सच बात तो ये है कि नेता और अधिकारी लोग तो झोला भर लेंगे. मोदी जी तो झोला उठाकर चल देंगे. बाद में कौन भुगतेगा …. वही जिसने भरोसा किया.
सच सोचना कहिये कि अब जहां जाने की उम्र हो चुकी है वहां झोला भी नहीं ले जाया जा सकता !
सच बात तो ये है कि नेता और अधिकारी लोग तो झोला भर लेंगे. मोदी जी तो झोला उठाकर चल देंगे. बाद में कौन भुगतेगा …. वही जिसने भरोसा किया.
सच सोचना कहिये कि अब जहां जाने की उम्र हो चुकी है वहां झोला भी नहीं ले जाया जा सकता !
खेर देश को सफ़ेद से काले धन की यात्रा मुबारक !
ज्योतिर्मातमसो गमय ! हमें उजाले से अँधेरे की और ले चल
ज्योतिर्मातमसो गमय ! हमें उजाले से अँधेरे की और ले चल



