बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुँची राहत
‘कमला विद बिहार’ अभियान के अंतर्गत ट्रस्ट की टीम ने बिहार के दो क्षेत्रों में भोजन एवं राहत सहायता पहुँचाई। वैशाली जिले के नवानगर स्थित सतियारा घाट में लगभग 2,000 परिवारों तथा आरा जिले के पीपराटी गाँव में लगभग 2,000 परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण भी किया गया।
इस पहल का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े रहना है।
महाराष्ट्र से असम और अब बिहार तक सेवा की निरंतर यात्रा
कमला अंकिबाई घमंडीराम गोवानी ट्रस्ट वर्ष 1969 से स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, मानवीय सहायता एवं सामाजिक कल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत है।
प्राकृतिक आपदाओं के समय जरूरतमंद परिवारों की सहायता की इसी प्रतिबद्धता के तहत ट्रस्ट ने महाराष्ट्र में राहत एवं सेवा कार्य किए। इसके बाद ‘कमला विद असम’ अभियान के अंतर्गत असम के बाढ़ प्रभावित जोरहाट और शिवसागर क्षेत्रों में राहत कार्य किए गए। वहाँ प्रभावित परिवारों के बीच आवश्यक राहत सामग्री एवं घरेलू उपयोग की वस्तुओं का वितरण किया गया, ताकि उन्हें दैनिक जीवन की जरूरी आवश्यकताओं में सहयोग मिल सके।
इसी सेवा-यात्रा को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट ने बिहार में ‘कमला विद बिहार’ अभियान के माध्यम से राहत एवं भोजन सहायता पहुँचाई है।
बिहार में आगे भी जारी रहेंगे सेवा कार्य
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से मुलाकात के दौरान निदर्शना गोवानी ने बिहार में किए गए राहत कार्यों की जानकारी साझा की। ट्रस्ट का उद्देश्य तत्काल राहत पहुँचाने के साथ-साथ आवश्यकता के अनुसार आगे भी प्रभावित परिवारों के लिए सहयोग के अवसर तलाशना है।
कमला ट्रस्ट ने बिहार में सामाजिक कल्याण, मानवीय सहायता, राहत एवं पुनर्वास से जुड़े कार्यों में अपनी भूमिका आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। ट्रस्ट का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें यथासंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
कमला ट्रस्ट का मानना है कि आपदा के समय सरकार, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और समाज के सामूहिक प्रयासों से प्रभावित परिवारों को बेहतर सहायता मिल सकती है। इसी भावना के साथ ट्रस्ट अपनी सेवा गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।



