पटना। बिहार के मधुबनी जिले के रांटी चौक क्षेत्र में हाल ही में मां भारती डिफेन्स अकादमी की शुरुआत हुई है। इसे पूर्व वायुसेना जवान आशीष झा (आशीष जी) ने स्थापित किया है। स्थानीय मीडिया जैसे मिथिला मिरर के यूट्यूब चैनल और फेसबुक पर प्रसारित वीडियो में इसकी चर्चा हुई है। आशीष झा ने 2006 में वायुसेना में भर्ती होकर एयर डिफेंस में 20 वर्षों से अधिक सेवा की। वे युवा उम्र में ही उस्ताद बने और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में शामिल रहे। मार्च 2026 में वीआरएस लेने के तुरंत बाद उन्होंने यह अकादमी शुरू की।
अकादमी का उद्देश्य ना सिर्फ मधुबनी और आसपास के मिथिला क्षेत्र के युवाओं को सेना, नौसेना, वायुसेना और अर्धसैनिक बलों में भर्ती के लिए तैयार करना है। बल्कि जिस तरह बिहार के युवा पलायन करके दूसरे प्रदेशों में जाते हैं। मधुबनी में एक ऐसे अकादमी के निर्माण का यह प्रयास भी है, जहां देशभर से बच्चे डिफेन्स की शिक्षा लेने आएं। यहां 10वीं और 12वीं के बाद की विभिन्न एंट्री जैसे आर्मी, एयरफोर्स (साइंस और नॉन-साइंस), नेवी (एमआर और एसएसआर), एसएससी जीडी आदि की लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन, इंटरव्यू, फिजिकल टेस्ट और एसएसबी की तैयारी कराई जाती है। तीन क्लासरूम और एक परीक्षा कक्ष हैं, जहां एक समय में करीब 120 विद्यार्थी बैठ सकते हैं। हॉस्टल की सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिसके लिए सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, बेनीपट्टी और मुजफ्फरपुर से पूछताछ हो रही है। मासिक फीस 2000 से 4000 रुपये के बीच है, लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक अंक पर 50 प्रतिशत और 90 प्रतिशत से ऊपर पर 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाती है। आदर्श वाक्य है “ड्रीम इट एंड ड्रिल इट”।
देश के अन्य रक्षा अकादमियों से यह अलग इसलिए है क्योंकि अधिकांश बड़े संस्थान दिल्ली, कोटा, पुणे या पटना जैसे शहरों में हैं, जो ग्रामीण युवाओं के लिए महंगे और दूर हैं। मधुबनी में यह पहली ऐसी अकादमी बताई जाती है, जो स्थानीय भाषा और संस्कृति को समझते हुए व्यक्तिगत मार्गदर्शन देती है।
आशीष झा का वास्तविक युद्ध अनुभव और सीमा क्षेत्र (नेपाल-भूटान सीमा के निकट) की समझ युवाओं में देशभक्ति और योद्धा की मानसिकता विकसित करती है, न कि सिर्फ नौकरी की तैयारी। व्यावसायिक कोचिंग के बजाय यहां अनुशासन, आचरण, ड्रेसिंग और जुनून पर जोर है। स्थानीय कवरेज में दिग्गज वायुसेना अधिकारियों ने भी शुभकामनाएं दी हैं।
यह अकादमी मिथिला के प्रतिभाशाली युवाओं को अपने घर के पास रक्षा सेवाओं में जाने का सुनहरा अवसर दे रही है और क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है।



