निकोला टेस्ला पर स्वामी विवेकानंद का प्रभाव

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(आगामी एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की बैठक की रिपोर्ट)

दिल्ली । आज सायंकाल चार बजे कंस्टीट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया में 
भारत-क्रोएशिया के मैत्री, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक आदान प्रदान हेतु बैठक का आयोजन किया गया । इस बैठक में क्रोएशिया वैज्ञानिक निकोला टेस्ला पर स्वामी विवेकानंद का प्रभाव विषय पर आयोजित होने वाले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की गतिविधियों पर विचार विमर्श किया गया । यह सम्मेलन भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री माननीय संजय पासवान जी के संरक्षण में सम्पन्न होगा । इस सम्मेलन में भारत सरकार के महत्वपूर्ण पदाधिकारी व क्रोएशिया के प्रतिनिधि मंडल भाग ले सकते हैं ।

स्वामी विवेकानंद की वैश्विक आध्यात्मिक विचारधारा और निकोला टेस्ला की वैज्ञानिक प्रतिभा दोनों देशों के बीच पुल का काम करती हैं।1890 के दशक में न्यूयॉर्क में स्वामी विवेकानंद और निकोला टेस्ला की भेंट हुई थी । विवेकानंद जी ने टेस्ला को वेदांत दर्शन, प्राण (ऊर्जा) और आकाश (मूल पदार्थ) की अवधारणाओं से परिचित कराया। टेस्ला ने बाद में अपनी रचनाओं में इन संस्कृत शब्दों का उपयोग किया और ब्रह्मांड को गतिशील ऊर्जा प्रणाली के रूप में देखा। टेस्ला की वैकल्पिक धारा (AC), वायरलेस ऊर्जा संचरण और मुक्त ऊर्जा की अवधारणाओं पर वेदांतिक विचारों का प्रभाव पड़ा ।

इस सम्मेलन के कारण संभवतः स्वामी विवेकानंद के दर्शन और टेस्ला की वैज्ञानिक उपलब्धियों का संयोजन भारत-क्रोएशिया संबंधों को नई ऊंचाई दे सकता है। साथ ही दोनों देशों के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा क्षेत्र में नियमित आदान-प्रदान बढ़ाया जा सकता है।
इस बैठक में कार्यकम संयोजन समिति के अध्यक्ष श्री अनूप पांडेय जी, स्वागत समिति के अध्यक्ष प्रो. पीयूष जैन जी, सचिव डॉ. सुशील द्विवेदी जी तथा आयोजन समिति के सदस्य- श्री हरदेव सिंह जी, श्री अरुण उपाध्याय जी, श्री मंजीत चौधरी जी , डॉ. विभा नायक जी , श्री शुभनीत चौधरी जी आदि उपस्थित थे।

यह कार्यक्रम 10 जुलाई 2026 को कंस्टीट्यूशनल क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित किया जाएगा ।

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