नई दिल्ली : राजस्थान फाउंडेशन (दिल्ली चैप्टर) एवं राजस्थानी मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में अखिल भारतीय अणुव्रत न्यास, 210 दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में शिक्षा मंत्री, राजस्थान सरकार, मदन दिलावर के सम्मान में संवाद एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मदन दिलावर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच पर उनके साथ के.सी. जैन, सेवानिवृत्त आई.आर.एस. अधिकारी एवं संरक्षक, राजस्थानी मित्र मंडल; सी.ए. (डॉ.) रामावतार किला, अध्यक्ष, राजस्थान फाउंडेशन (दिल्ली चैप्टर); जय नारायण मीणा, मंत्री के विशेष सहायक, स्कूल शिक्षा, पंचायती राज एवं संस्कृत शिक्षा विभाग, जयपुर; तथा प्रकाश लखोटिया, सामाजिक नेता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में दिल्ली एवं एनसीआर के सामाजिक, व्यावसायिक, औद्योगिक और पेशेवर क्षेत्रों से जुड़े प्रवासी राजस्थानियों ने सहभागिता की। राज अग्रवाल, श्याम बागड़ी, चंद्रकांता राजपुरोहित, बाबूलाल पारीख, एल.पी. बोथरा, हिम्मत सिंह, सूरज सोनी और कमल सिखवाल सहित अनेक प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
स्वागत उद्बोधन में सी.ए. (डॉ.) रामावतार किला ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का प्रवासी राजस्थानियों के बीच आने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राजस्थान सरकार और प्रवासी राजस्थानी समाज के बीच आत्मीय संवाद का प्रतीक है। उन्होंने राजस्थान फाउंडेशन को प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच एक सशक्त सेतु बताते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर सहयोग की बात रखी।

रामावतार किला ने संजीवनी मेडिकल सेवा का उल्लेख करते हुए बताया कि इस पहल के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयों, व्हीलचेयर सहायता और बड़े अस्पतालों में डॉक्टर परामर्श से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि पहले बीकानेर हाउस में राजस्थान फाउंडेशन का कार्यालय हुआ करता था, जिसे फिर से शुरू किया जाए तो दिल्ली में प्रवासी राजस्थानियों और सरकार के बीच समन्वय और मजबूत होगा।
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा, साक्षरता, स्वच्छता, स्वास्थ्य, मूल्य आधारित शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार का संकल्प है कि कोई भी बालक या बालिका शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से अपने गांवों और क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि जागरूक, संस्कारित और मजबूत समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्रवासी राजस्थानियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास और राजस्थान की प्रगति में सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।



