विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0090/2026 (चढ़ावा चोरी से संबंधित मामला) के जांच अधिकारी (IO) और डीएसपी श्री आशुतोष तिवारी को एक औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने विभिन्न राजनीतिक व सार्वजनिक हस्तियों द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया पर दिए गए दावों और बयानों को जांच के दायरे में लाने की मांग की है।
आलोक कुमार ने अपने पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित नेताओं के बयानों का उल्लेख किया है:
◆प्रो. राम गोपाल यादव (सपा): जिन्होंने कथित तौर पर राम मंदिर में लगभग ₹20,000 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले और 50-50 किलो सोना, चांदी, हीरे के हार तथा करोड़ों की नकदी गायब होने का दावा किया है।
◆ श्री अरविंद केजरीवाल (आप): जिन्होंने सोशल मीडिया (X) पर वीडियो जारी कर दावा किया कि भगवान राम का हार, चरण पादुकाएं, आभूषण और लगभग ₹200 करोड़ रुपये का कैश व हीरे-जवाहरात चोरी हुए हैं।
◆ श्री संजय सिंह (सांसद, आप): जिन्होंने खुले मंच से ₹200 करोड़ से अधिक की चोरी की बात कही और इसमें 50 से अधिक कर्मचारियों के संलिप्त होने का आरोप लगाया।
◆ श्रीमती प्रियंका गांधी वाडरा (कांग्रेस): जिन्होंने सीसीटीवी (CCTV) बंद कर हजारों करोड़ के चढ़ावे में हेरफेर करने और इसके पीछे बड़े लोगों की मिलीभगत होने की आशंका जताई।
◆विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार की मुख्य मांगें:◆
◆ बयानों का तथ्यात्मक आधार: जांच एजेंसी इन सभी नेताओं को बुलाकर उनके द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों का तथ्यात्मक आधार (Factual Basis) पूछे।
◆ जानकारी का स्रोत: इन नेताओं से पूछा जाए कि उनके पास इस कथित चोरी या घोटाले से जुड़ी जानकारियों का क्या स्रोत (Source of Information) है।
◆ दस्तावेजी सबूत: यदि इन नेताओं के पास आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य सामग्री है, तो उसे जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि सच सामने आ सके।
◆झूठे आरोपों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी:



