राम मंदिर प्रकरण की आड़ में रोमाना इसार खान की पक्षपातपूर्ण पत्रकारिता पर विहिप की गंभीर आपत्ति

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नई दिल्ली : विश्व हिंदू परिषद (विहिप), इंद्रप्रस्थ प्रांत के प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर एबीपी न्यूज चैनल पर प्रसारित लाइव डिबेट की अनैतिक शैली, उत्तेजक प्रस्तुति और एंकर रोमाना इसार खान के आक्रामक व पक्षपातपूर्ण रवैये पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डिबेट के दौरान जिस प्रकार विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल पर अनैतिक रूप से दबाव बनाने और पूरे मामले को दुर्भावनापूर्ण धार्मिक रंग देकर राम जन्मभूमि ट्रस्ट, विहिप एवं समस्त हिंदू समाज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया गया, वह पत्रकारिता के इतिहास में एक काला अध्याय है।

गुप्ता ने मीडिया के समक्ष तीखे तार्किक बिंदु रखते हुए कहा:

‘सामान्यीकरण’ के नाम पर हिंदू समाज की प्रताड़ना: किसी भी आपराधिक घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए, और दोषी को कठोरतम दंड मिलना चाहिए। किंतु, ABP News की एंकर द्वारा लाइव शो में “क्या यह ट्रस्ट हिंदुओं को बेवकूफ बनाने के लिए है?” जैसे अत्यंत आपत्तिजनक और उत्तेजक शब्दों का प्रयोग करना, यह दर्शाता है कि विमर्श (Narrative) निष्पक्ष जांच के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर चोट करने के लिए गढ़ा जा रहा था। किसी एक कृत्य के आधार पर संपूर्ण धार्मिक संस्था और समाज को कठघरे में खड़ा करना अनैतिक है।

मर्यादाहीन एंकरिंग और व्यक्तिगत एजेंडा: डिबेट के दौरान एंकर द्वारा तथ्यों पर बात करने के बजाय विहिप प्रवक्ता पर चिल्लाना, उनके तर्कों को दबाना और एकतरफा नैरेटिव सेट करना ‘चौथे स्तंभ’ की गरिमा को तार-तार करता है। जब प्रवक्ता ने इस शैली पर आपत्ति जताई, तो मर्यादा भूलकर व्यक्तिगत आक्षेपों और सीना ठोककर चुनौती देने वाली भाषा का प्रयोग किया गया, जो किसी भी गंभीर समाचार संस्थान के अनुकूल नहीं है।

न्यायिक प्रक्रिया और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़: राम मंदिर वैश्विक स्तर पर सनातनियों की आस्था का केंद्र है। जब मामला जांच के अधीन है, तब मीडिया ट्रायल के जरिए ‘हिंदू फोबिया’ और अविश्वास का माहौल बनाना सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का कुत्सित प्रयास है।

विहिप द्वारा समाचार चैनल के प्रबंधन से तीखी मांगें: सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने संबंधित समाचार चैनल के वरिष्ठ प्रबंधन को पत्र लिखकर निम्नलिखित मांगें की हैं:

1. एंकर के रवैये की संपादकीय समीक्षा (Editorial Audit): लाइव डिबेट में एंकर रोमाना इसार खान द्वारा विहिप प्रवक्ता के साथ किए गए अभद्र व्यवहार, पक्षपातपूर्ण भाषा और ‘बेवकूफ बनाने’ जैसी अनैतिक शब्दावली की तत्काल आंतरिक समीक्षा की जाए।

2. सार्वजनिक स्पष्टीकरण और जवाबदेही: पत्रकारिता के स्थापित मानकों (Media Ethics) और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का सरेआम उल्लंघन करने के लिए संबंधित एंकर को उचित परामर्श, चेतावनी और इस कृत्य के लिए जवाबदेही तय की जाए।

3. पूर्वाग्रह से मुक्त दिशा-निर्देश: भविष्य में धार्मिक और संवेदनशील विषयों पर डिबेट आयोजित करते समय स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि स्क्रीन का उपयोग किसी संस्था, धर्म या आस्था को बदनाम करने और लाइव शो में प्रवक्ताओं को प्रताड़ित करने के हथियार के रूप में न हो सके।

श्री गुप्ता ने अंत में चेताया कि यदि समाचार संस्थान अपनी निष्पक्षता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को ताक पर रखकर ऐसी ‘लाउड’ और एजेंडा-संचालित पत्रकारिता को बढ़ावा देता रहेगा, तो हिंदू समाज और विहिप ऐसे चैनलों के एकाधिकार और भ्रामक विमर्श का लोकतांत्रिक व कानूनी रूप से कड़ा प्रतिकार करने के लिए विवश होंगे।

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