राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’

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अनिल गोयल

दिल्ली। भारत के गाँवों में सुरक्षित हमारी संस्कृति को हमारा सिनेमा प्रायः ही दिखाता रहा है।  गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ में भी निर्देशक दिनेश भोसले ने उत्तराखण्ड की ढोली परम्परा पर दृष्टि डाली है।  बहुत ही सामान्य बजट पर बनी फिल्म ‘ढोली’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में फीचर फिल्म श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म के लिये रजत कमल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

दिल्ली में आयोजित एक प्रैस कॉन्फ्रैंस में दिनेश भोसले ने बताया कि डेढ़ घंटे से कुछ अधिक लम्बाई की इस फिल्म की शूटिंग उत्तरकाशी जिले की असीगंगा घाटी के नाल्ड गाँव तथा आसपास के क्षेत्रों में की गई थी।  फिल्म की प्रामाणिकता इस बात से सिद्ध होती है कि इस फिल्म में संगीत उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध संगीतकार नरेन्द्र सिंह नेगी ने तैयार किया है, जिन्होंने अपने गीतों से उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, रीति-रिवाज और पहाड़ के जनजीवन की झलक पूरे देश में पहुँचाई है।  इस फिल्म का एक गाना भी यहाँ रिलीज किया गया।  प्रैस कॉन्फ्रैंस के बाद दिनेश भोसले तथा निर्माता सुनील नायक ने दिल्ली में रह रहे गढ़वाली समाज के अनेक गण्यमान्य तथा प्रबुद्ध वर्ग के व्यक्तियों के साथ भेंट करके उन्हें फिल्म के बारे में विस्तृत जानकारी दी, तथा उनके प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शान्त किया।

फिल्म के पटकथा लेखक व निर्देशक दिनेश भोसले हैं, तथा निर्माता सुनील नायक (एस.सी.पी.पी.एल.) हैं।  कथा विस्तार, हिन्दी संवाद और कार्यकारी निर्माता का काम जाने-माने फिल्म इतिहासकार शिशिर कृष्ण शर्मा ने किया।  फिल्म की मूलकथा के लेखक तथा संवादों के हिन्दी से गढ़वाली में अनुवादक डा. नन्दकिशोर हटवाल हैं, तथा सिनेमैटोग्राफर अभिनव गन्धर्व हैं।  फिल्म के अगले दो महीने के अंदर रिलीज होने की सम्भावना है।

फिल्म के प्रमुख कलाकारों में उत्तरकाशी के अन्य कलाकारों के साथ-साथ मोहित धिल्डियाल तथा दीपा देउबा हैं।  फिल्म के लेखक व निर्देशक दिनेश भोसले ने मशहूर फिल्म एडिटर वामन भोंसले के साथ काम किया हुआ है।

उन्हें उनकी फिल्मों ‘एनिमी?’ के लिये 2015 में और ‘अमोरी’ के लिये 2018 में कोंकणी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है।  मिलान (इटली) और मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया) के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फैस्टिवल्स में अवॉर्ड जीतने के साथ ही उन्होंने जी गौरव अवॉर्ड्स में 2013 में “मर्मबंध” के लिये बैस्ट एक्टर व सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए दो अवॉर्ड, तथा गोवा राज्य के अनेक पुरस्कार जीते हैं।  वर्तमान में वे गोआ के स्वतन्त्रता आन्दोलन से सम्बन्धित विषय पर काम कर रहे हैं।

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