राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और एआई

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दिल्ली। आज एआई से प्रश्न किया। आरएसएस से जुड़े पचास विद्वान लोगों की सूची दीजिए। शर्त रखी कि सभी विद्वान जीवित होने चाहिए। मुझे आश्चर्य हुआ, जब एआई की सूची पच्चीस नामों से आगे नहीं बढ़ पाई ।

एआई द्वारा सुझाए गए पच्चीस नाम :
(इन नामों का उल्लेख करने के साथ साथ, एआई ने बताया कि पुरानी पीढ़ी के अधिकांश प्रमुख साहित्यकार और इतिहासकार अब दिवंगत हो चुके हैं। जीवितों में कई क्षेत्रीय भाषाओं के लेखक भी हैं, किंतु अखिल भारतीय स्तर पर उपरोक्त नाम अधिक सुपरिचित और सक्रिय हैं। एआई द्वारा तैयार की गई यह सूची पचास तक नहीं पहुंच पाई)
डॉ. मोहन भागवत — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वर्तमान सरसंघचालक। भाषणों और लेखों के माध्यम से संघ के समसामयिक चिंतन को प्रस्तुत करते हैं।
दत्तात्रेय होसबाले — संघ के सरकार्यवाह। संगठन, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर नियमित वैचारिक लेखन तथा संबोधन।
राम माधव — लेखक, स्तंभकार और पूर्व प्रचारक। राजनीति, संस्कृति तथा अंतरराष्ट्रीय विषयों पर अनेक पुस्तकें और लेख।
रतन शारदा — बचपन से स्वयंसेवक। ‘आरएसएस 360’, ‘संघ और स्वराज’ जैसी पुस्तकों के लेखक तथा संघ इतिहास के प्रमुख व्याख्याता।
तरुण विजय — पत्रकार, लेखक और पूर्व सांसद। पाञ्चजन्य के पूर्व संपादक। हिमालय, संस्कृति और राष्ट्रवाद पर लेखन।
जे. नंदकुमार — प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक। लेखक, वक्ता और कवि। संघ वैचारिक कार्य से जुड़े।
सुनील आम्बेकर — लेखक और संघ पदाधिकारी। युवा पीढ़ी तथा वैचारिक विषयों पर पुस्तकें।
राकेश सिन्हा — लेखक, स्तंभकार और पूर्व सांसद। संघ, राष्ट्रवाद तथा समसामयिक राजनीति पर लेखन।
प्रफुल्ल केतकर — ऑर्गेनाइजर के संपादक। राष्ट्रवादी पत्रकारिता और वैचारिक लेखन।
हितेश शंकर — पाञ्चजन्य के संपादक। समसामयिक विषयों पर संघ दृष्टि से लेखन।
शेषाद्री चारी — ऑर्गेनाइजर के पूर्व संपादक। पत्रकार और वैचारिक लेखक।
विक्रम संपथ — इतिहासकार। सावरकर जीवनी सहित राष्ट्रवादी इतिहास लेखन के लिए जाने जाते हैं।
संजीव सान्याल — अर्थशास्त्री और लेखक। भारतीय इतिहास तथा क्रांतिकारियों पर वैकल्पिक आख्यान प्रस्तुत करने वाले।
जय साई दीपक — अधिवक्ता और लेखक। औपनिवेशिकता, सभ्यता और संविधान पर चर्चित पुस्तकें।
स्वपन दासगुप्ता — पत्रकार और स्तंभकार। दक्षिणपंथी-राष्ट्रवादी वैचारिक लेखन के प्रमुख चेहरे।
अरुण शौरी — लेखक और पूर्व केंद्रीय मंत्री। इतिहास, धर्म और शासन पर तीखे ग्रंथ लिखने वाले।
एस. गुरुमूर्ति — विचारक और स्तंभकार। अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा राष्ट्रवाद पर निरंतर लेखन।
आनंद रंगनाथन — वैज्ञानिक, लेखक और स्तंभकार। इतिहास, संस्कृति और समसामयिक बहस में सक्रिय।
कंचन गुप्ता — पत्रकार और स्तंभकार। राष्ट्रवादी वैचारिक लेखन से जुड़े।
आर. बालाशंकर — ऑर्गेनाइजर के पूर्व संपादक। पत्रकारिता और वैचारिक लेखन।
प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा — अर्थशास्त्री और लेखक। आर्थिक विषयों पर संघ दृष्टि से लेखन।
यशवंत पाठक — लेखक। रतन शारदा के साथ संघ संबंधी पुस्तकों के सह-लेखक।
अतुल कोठारी — शिक्षा और संस्कृति विषयों पर लेखक तथा कार्यकर्ता। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास से जुड़े।
मनमोहन वैद्य — संघ के वरिष्ठ प्रचारक। संगठन और विचारधारा पर लेख तथा संबोधन।
एआई से आग्रह किया कि उन नामों को भी आप जोड़ सकते हैंं जो आरएसएस से समानुभूति रखने वाले हैं। हमदर्द हैं। यह लिखने के बाद भी एआई बीस नाम और जोड़ पाया। अब भी पचास की संख्या पूरी नहीं हो पाई थी।
राजिव मल्होत्रा — लेखक। सभ्यता, इंडोलॉजी और हिंदू चिंतन पर ग्रंथ।
मीनाक्षी जैन — इतिहासकार। मंदिर, मध्यकालीन इतिहास और औपनिवेशिक आख्यान पर शोध।
संदीप बालकृष्ण — लेखक-संपादक। धर्म, इतिहास और संस्कृति पर निरंतर लेखन।
मकरंद परांजपे — कवि-आलोचक-विचारक। भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रचिंतन पर लेखन।
मिशेल दानिनो — लेखक-इतिहास प्रेमी। सिंधु-सरस्वती सभ्यता और भारतीय ज्ञान पर लेखन।
श्रीकांत तालगेरी — लेखक। वैदिक इतिहास और आर्य प्रश्न पर शोधपूर्ण पुस्तकें।
कोएनराड एल्स्ट — लेखक। हिंदुत्व, इतिहास और धर्म विमर्श पर लंबे लेखन; संघ चिंतन से निकट।
डेविड फ्रॉले (वामदेव शास्त्री) — लेखक। हिंदू दर्शन और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर ग्रंथ।
आर. जगन्नाथन — पत्रकार-लेखक। स्वराज्य आदि मंचों से राष्ट्रवादी आर्थिक-सांस्कृतिक लेखन।
हिंदोल सेनगुप्ता — लेखक। भारतीय इतिहास, उद्यम और सभ्यता पर पुस्तकें।
अमी गणात्रा — लेखिका। महाभारत-रामायण के प्रबंधन और धर्मचिंतन पर पुस्तकें।
शेफाली वैद्य — लेखिका-स्तंभकार। संस्कृति, इतिहास और समसामयिक हिंदुत्व विमर्श।
नंदिता कृष्णा — लेखिका। पर्यावरण, संस्कृति और भारतीय परंपरा पर लेखन।
कपिल कपूर — भाषाविद्-लेखक। भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा पर ग्रंथ।
अभिजीत अय्यर-मित्रा — टिप्पणीकार-लेखक। रणनीति, इतिहास और संस्कृति पर लेखन।
हर्ष मधुसूदन — लेखक। अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण पर लेखन।
राजीव मंंत्री — लेखक-उद्यमी। आर्थिक राष्ट्रवाद और नीति विमर्श।
अवतंस कुमार — स्तंभकार-लेखक। भाषा, संस्कृति और राष्ट्रवाद पर लेखन।
तुफैल अहमद — लेखक-स्तंभकार। इस्लामी कट्टरता और भारतीय राष्ट्रवाद पर लेखन।
सुब्रमण्यम स्वामी — अर्थशास्त्री-लेखक-नेता। हिंदुत्व और इतिहास संबंधी पुस्तकों-लेखों के लिए जाने जाते हैं।
मुझे यह सब देखकर निराशा हुई। नाराजगी में लिखा कि कैसे एआई हो। तुम पचास नाम तक नहीं बता पा रहे। पचास नाम पूरे करो। उसने पांच नाम और जोड़ कर दिए।
जोड़े गए पाँच नाम:
अनिर्बान गंगुली — लेखक और विचारक। भारतीय इतिहास, संस्कृति तथा नीति विषयों पर संघ-सम विचारधारा से जुड़ा लेखन।
ए. सूर्य प्रकाश — वरिष्ठ पत्रकार-लेखक। भारतीय लोकतंत्र, मीडिया और राष्ट्रचिंतन पर पुस्तकें।
मक्खन लाल — इतिहासकार। प्राचीन भारत तथा इतिहास लेखन की राष्ट्रवादी धारा से जुड़े।
शंकर शरण — लेखक-स्तंभकार। इतिहास, धर्म और वैचारिक बहसों पर स्पष्ट संघ-सम लेखन।
सौम्य दे — इतिहास लेखक। औपनिवेशिक आख्यान और भारतीय सभ्यता पर शोधपूर्ण पुस्तकें।
यह सूची मैने नहीं बल्कि एआई द्वारा तैयार की गई है। जानता हूं, परफेक्ट नहीं है। कुछ नाम आप हटाना चाहते हैं ओर कुछ नाम आपको लगता है कि शामिल क्यों नहीं किए गए!
आप जैसा भी समझते हैं, लिखिए। इनमें कई नाम आपके लिए ऐसे होंगे। जिनका नाम आपने पहली बार सुना होगा।
ऐसे लेखकों को गूगल पर सर्च कीजिए। उनका लिखा पढ़िए और उन्हें यू ट्यूब पर भी तलाशने की कोशिश कर सकते हैं।

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