नई दिल्ली: राष्ट्र सेविका समिति, दिल्ली प्रांत के प्रबुध वर्ग मेधाविनी सिंधु सृजन द्वारा समिति की संस्थापक एवं आद्य संचालिका वंदनीया लक्ष्मीबाई केलकर (मौसीजी) के अवतरण दिवस पर “संकल्प दिवस” का गरिमामय आयोजन सर शंकर लाल कॉन्सर्ट हॉल, विश्वविद्यालय मार्ग, में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा सहयोग देने वाली नौ विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित सेविकाओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने वंदनीया मौसीजी के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने तथा सेवा, संस्कार और राष्ट्र समर्पण की इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।

दुनिया भारत की ताकत अर्थव्यवस्था से नहीं मातृशक्ति से नपेगी
विकसित भारत 2047 पूरे भारत का संकल्प है
महिला हर जगह चाहे वह साइंस स्पेस टेक्नोलॉजी मेडिसिन सब में भारत की महिलाएं सबसे आगे हैं
मुकुल कानिटकर जी:-
भारतीय नारी सारे विश्व में अग्रणी होकर अपना परचम लहरा रही है
आने वाली शताब्दी मातृशक्ति की शताब्दी हैं
आधुनिक होने के लिए प्राचीनता छोड़नी नहीं पड़ती
जिसकी पूजा करते हैं उसके जैसा बनना ही पूजा है।
बांसुरी स्वराज जी:-
जब व्यक्ति अपने वास्तविकता से परिचित होता है तब उसकी जड़े कोई नहीं हिला सकता
नारीवाद और समानता पाश्चात्य से गोद लेने की जरूरत नहीं है
मातृत्व, कृतत्व और नेतृत्व से महिला इस देश की निर्माता होगी
महिला गुुरु व ईंट की भूमिका निभाती है जिससे राष्ट्र की नींव बनने वाली है
अलका ईमानदार जी
विश्व में आज सबसे बड़ा महिला संगठन आज राष्ट्र सेविका समिति है जिसकी 5000 शाखाएं है
हिंदुत्व हमारी पहचान और हमारे राष्ट्र की भी पहचान है
महिला का प्रथम कर्तव्य है अगली पीढ़ी को संस्कार देना



