दयानंद पांडेय
लखनऊ। आजकल अकसर फ़ोन पर पैसे मांगने के संदेश आम बात हो गई है। कभी फेसबुक के मेसेंजर पर या वाट्सअप पर। अव्वल तो मेरे पास पैसा होता ही नहीं कि किसी को भेजूं। न यह सब आता है। फिर भी कहने की बात नहीं कि यह सभी याचक फर्जी , फ्रॉड और रैकेटियर लोग होते हैं। आज दिन कोई एक बजे बनारस से एक मित्र का वाट्सअप संदेश आया। 45 हज़ार रुपए तुरंत मांगा गया। लगातार संदेश पर संदेश। कहा कि इस नंबर पर तुरंत गूगल पे कीजिए : 9128877854
मुझे तुरंत शक हुआ। क्यों कि मित्र का नंबर कुछ और था। यह नंबर कुछ और। मैं ने संदेश भेजा कि फोन पर बात कीजिए। फ़ोन नहीं आया तो खुद किया। फोन काट दिया गया। संदेश आया कि अभी काल नहीं कीजिए। 45 हज़ार रुपए भेजिए। वाट्सअप काल , मोबाईल काल सब काट दिया जाता। संदेश भेज कर गालियां दीं। पुलिस में रिपोर्ट करने की धमकी दी। संदेश आने बंद हो गए। अभी थोड़ी देर पहले फिर मित्र को फोन किया। मित्र ने फोन उठा लिया। दोपहर की घटना बताई। वह जैसे किसी नदी के बांध की तरह फूट पड़े। सारे विवरण बाढ़ के पानी की तरह जैसे बहने लगे।
बीते 15 जुलाई को अपने साथ घटी एक घटना याद आ गई। 15 जुलाई की दोपहर मुझे एक फोन आया कि डी टी डी सी कोरियर से बोल रहा हूं। आप की किताबों का एक पैकेट आया है। डिलीवरी वाला लड़का नया है। आप का पता नहीं खोज पा रहा है। प्लीज़ उस को फोन कर अपना पता समझा दीजिए। मैं ने कहा कि आप उसे मेरा नंबर दे दीजिए। वही फ़ोन कर ले। फिर उस ने कहा प्लीज़ आप ही फोन कर लीजिए। लड़का बिलकुल नया है। उस का नंबर भेज रहा हूं। नंबर मेसेज बॉक्स में आया। नंबर कॉपी नहीं हो पा रहा था। कि कॉपी कर के फोन मिला लूं। तभी फिर फोन आया कि आप ने उस को फोन नहीं किया ? बताया कि वह नंबर कॉपी नहीं हो पा रहा। तब वह बोला , नंबर बोल रहा हूं डायल कर लीजिए। उस ने नंबर बोला। मैं ने डायल कर दिया। अजीब नंबर था।
*21*8294 421837#
लेकिन कोई घंटी नहीं गई। पलट कर चेक किया तो पाया कि काल लिस्ट में वह नंबर दर्ज भी नहीं था। पलट कर जिस नंबर से फोन करने के लिए फोन आया था 91 7061044569 पर उसे काल किया। वह बोला भोपाल से बोल रहा है। जितना भला बुरा कर सकता था , किया। वह सर , सर करता रहा। उस ने गालियों का भी बुरा नहीं माना। एक और फ़ोन 91 8294421837 से भी इसी बीच इसी बाबत फोन आया। उसे भी भरपेट भला बुरा कहा। फिर लगा कि यह तो बैंक वाला फ्राड भी कर सकता है। खाता ख़ाली कर सकता है। तुरंत बैंक में फोन किया। बैंक में लिखित की बात आई। हम ने कहा जब तक लिखित देने बैंक आऊंगा , तब तक तो खाता खाली हो जाएगा। बैंक कर्मी अभिषेक तिवारी मित्र हैं। बैंक यूनियन के नेता भी हैं। तुरंत हमारा खाता फ्रिज कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस में एस टी एफ में रहे रिटायर्ड डी आई जी अरविंद चतुर्वदी को फोन कर सारी बात बताई। अरविंद जी आचार्य परशुराम चतुर्वेदी के सुपौत्र और इतिहासविद शैलनाथ चतुर्वेदी के सुपुत्र हैं। हमारे हर संकट में खड़े हो जाते हैं। संकट टल जाता है। इसी बीच एक और संदेश आया।
You have successfully activated Call Forwarding on your Jio Number +919335233424 and calls will now be forwarded to +918294421837. To deactivate, use the settings on your mobile or click https://www.jio.com/dl/call_
उन को यह संदेश भी भेजा। अरविंद जी ने कहा पहले तो इस फारवर्ड को तुरंत डिएक्टिव कीजिए फिर बात कीजिए। अब मुझे यह सब भी नहीं आता। फिर हमारे नीचे एक परिवार की बेटी स्टूडेंट है। मेडिकल की तैयारी कर रही है। भाग कर उस के पास गया। आई फ़ोन की तकनीक उसे नहीं मालूम थी। पर दो मिनट में ही उस ने मेसेज फॉरवर्ड डिएक्टिवेट कर दिया। मेरे फोन पर फिर से मेसेज आने लगे। अरविंद जी ने भी संदेश भेज कर चेक किया : आशा है आप का खाता सुरक्षित होगा।
एक दुर्भाग्य का पटाक्षेप हुआ। यह सब कुछ पांच मिनट से भी कम में गुज़र गया। बाद में एक मित्र ने बताया कि अगर आप का फ़ोन आई फोन न होता तो पल भर में हैक हो गया होता। बैंक का खाता खाली होने में सेकेंड भर भी नहीं लगता। जो भी हो। एक तो मेरे पास बहुत पैसा नहीं है। जो थोड़ा बहुत है भी , ख़ून पसीने और मेहनत का है। ईमानदारी का है। कोई ऐसे ले भी कैसे सकता है भला , इतनी आसानी से। ख़ुद ही कुछ खर्च करना होता है तो दस बार सोचता हूं।
उस वक्त भी सोचा कि लिख कर मित्रों को सावधान कर दूं। पर आलस में टाल गया। पर आज अभी जब बनारस के मित्र ने बताया कि सब कुछ उन के साथ भी ऐसे ही हुआ। और उन का फोन तुरंत हैक हो गया। उन के घर के पास ही बैंक था। भाग कर वह बैंक गए और तुरंत खाता फ्रिज करवाया। पर फोन हैक होने के कारण दिन भर हैरान और परेशन हुए। उन को भी ऐसे ही स्टार और हैशटैग वाला फोन डायल करने को कहा गया था। डायल कर के फंस गए।
अकसर ऐसे फोन करने वालों को डांट कर फोन काट देता हूं। पर उस 15 जुलाई को किताब के पैकेट के नाम पर फंस गया।
पिछले हफ्ते नोएडा से भी एक लेखक मित्र का भी ऐसा ही संदेश आया था। एक बार तो रेलवे के एक बड़े अफसर मित्र जो लेखक भी हैं का रात ग्यारह बजे फेसबुक पर संदेश आया कि मेदांता हॉस्पिटल में पत्नी एडमिट हैं। हमारे यू पी आई की लिमिट खत्म हो गई है। तुरंत पचास हज़ार रुपए भेजिए। जवाब दिया कि इतने पैसे घर में हैं नहीं और कि यह सब मुझे नहीं आता पर आप अस्पताल में कहां हैं , बताएं आ जाता हूं। कुछ इंतज़ाम ज़रूर हो जाएगा। वह कहने लगा कि किसी मित्र को कह कर पैसे ट्रांसफर करवा दूं।
मुझे शक हुआ। फोन किया मित्र को। फोन उठ गया। वह सोए हुए थे। कहने लगे कि पता नहीं कौन है जो इस तरह सब से पैसे मांग रहा है। परेशान हो गया हूं। ऐसे ही प्रशासन के कई मित्रों के संदेश भी आते रहते हैं। एक बार तो इन्हीं अरविंद चतुर्वेदी की प्रोफ़ाइल से पैसे मांग लिए गए। समझ गया कि यह फ्राड है। बताया उसे कि जिस आई डी से यह फ्रॉड कर रहे हो , आई पी एस अफसर हैं। जेल में ठूंस देंगे। तब वह नौकरी में थे। सुनते ही वह गोल हो गया। ऐसे चार सौ बीसों से सर्वदा सतर्क रहिए। कोई मित्र सचमुच संकट में दिखे तो भी बिना बात किए किसी भी को इस तरह पैसे देने से सौ बार बचिए। भावनात्मक शोषण की सवारी की चार सौ बीसी से सर्वदा बच कर रहिए।
एक बार वाट्सअप पर वीडियो काल आई कि मुंबई से पुलिस कमिश्नर बोल रहा हूं। कुछ लड़के गैंग रेप में पकड़े गए हैं। उस में आप का लड़का भी है। गो कि वह पुलिस कमिश्नर टाइप वर्दी में था। आई पी एस वाली कॉलर आदि। तो भी हम समझ गए फ्राड है। पूछा कि कौन सा वाला लड़का है ? उस ने पूछा , कितने लड़के हैं ? मैं ने बताया कि पचास हैं। उस ने घबराते हुए पूछा , मशीन है क्या ? मैं ने बताया कि मशीन नहीं , फैक्ट्री है। उस ने फोन काट दिया।
ऐसे ही हाऊस अरेस्ट टाइप काल , फोन बंद हो जाएगा जैसी काल , लड़कियों की बाथरूम में आ जाओ जैसी वीडियो काल के भी क्या कहने ! पहले ही राऊंड में पूछ लेता हूं , ब्लैकमेलिंग करनी है ? कितने पैसे चाहिए ? सब भाग जाते हैं। साइबर ठगी के जाने क्या उपाय कर रही सरकार। कि सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती ही जा रही।



