वह मिया थी, पर मुसलमान नहीं: हिजाब की वजह से मिले डेथ थ्रेट्स की कहानी

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हिजाब ना पहनने पर महिलाओं को मिली धमकियों की कहानियां खूब सुनी होगी आपने, लेकिन आज एक ऐसी कहानी से आपको सुनाते हैं, जहां एक युवति को जान से मारने की धमकियां हिजाब पहनने की वजह से मिली

बेरूत (Beirut) : मिया खलीफा का नाम जब भी लिया जाता है, तो एक विवादास्पद छवि उभरती है। 2014-15 के आसपास पॉर्नहब पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली अभिनेत्री बनने के बाद उन्हें न सिर्फ वैश्विक प्रसिद्धि मिली, बल्कि जानलेवा धमकियों का सामना भी करना पड़ा। सबसे दिलचस्प और दुखद पहलू यह था कि वे खुद को मुसलमान नहीं मानती थीं, फिर भी हिजाब पहनकर फिल्माए गए एक सीन की वजह से उन्हें इस्लाम की “बेइज्जती” का जिम्मेदार ठहराया गया।

मिया लेबनान की मूल निवासी हैं। उनका जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। उन्होंने खुद स्पष्ट किया था, “मैं प्रैक्टिसिंग कैथोलिक नहीं हूँ, लेकिन कैथोलिक परिवार में पली-बढ़ी हूँ।” वे मुसलमान नहीं थीं, न ही कभी इस्लाम कबूल किया था। लेकिन बांग ब्रदर्स प्रोडक्शन की एक फिल्म में हिजाब पहनने के बाद पूरा मामला बदल गया। वीडियो में हिजाब पहनकर शुरू होने वाले सीन ने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया। कुछ लोग उन्हें “इस्लाम की बेइज्जती” करने वाला बताने लगे। ट्विटर (अब X) पर उनके खिलाफ नफरत भरे मैसेज और डेथ थ्रेट्स आने शुरू हो गए। एक फोटोशॉप्ड इमेज में उन्हें ISIS के नारंगी जंपसूट वाले कैदी की शक्ल में दिखाया गया, जो स्पष्ट रूप से मौत की धमकी थी।

मिया ने इन धमकियों को “pretty scary” बताया। कुछ लोग उन्हें “लेबनान का प्रतिनिधित्व करने लायक नहीं” कह रहे थे। लेबनान जैसे देश में, जहाँ शिया, सुन्नी, ईसाई और द्रूज समुदाय साथ रहते हैं, यह विवाद और भी संवेदनशील था। कुछ लोग मानते थे कि हिजाब एक धार्मिक प्रतीक है और उसे वयस्क फिल्म में इस्तेमाल करना पूरे समुदाय का अपमान है। लेकिन मिया का तर्क था कि बांग ब्रदर्स की फिल्में “satire” हैं। उन्होंने कहा, “साउथ पार्क ने इससे कहीं ज्यादा बुरा किया है।”

यह घटना संस्कृति, धर्म और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के टकराव को उजागर करती है। हिजाब मुस्लिम महिलाओं का धार्मिक प्रतीक माना जाता है, लेकिन मिया ने इसे एक अभिनय के रूप में इस्तेमाल किया। वे मुसलमान नहीं थीं, फिर भी उन्हें मुस्लिम समुदाय की “गद्दार” समझा गया। यह दर्शाता है कि मजहबी प्रतीकों को लेकर इस्लाम में संवेदनशीलता कितनी गहरी है। एक तरफ जहां कुछ लोग उन्हें समर्थन देते हुए कह रहे थे “Mia we love you”, वहीं दूसरी तरफ धमकियां इतनी बढ़ गईं कि उन्हें अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना पड़ा।

पॉर्नहब के आंकड़ों के अनुसार, उस दौरान मिया खलीफा की सर्च में भारी उछाल आया। लेबनान, सीरिया और जॉर्डन से खासतौर पर सर्च बढ़ी। यह दिखाता है कि विवाद ने उनकी लोकप्रियता भी बढ़ाई, लेकिन कीमत भारी थी।

मिया खलीफा की कहानी सिर्फ एक पॉर्न स्टार की नहीं है। यह उस युवती की है जो अपनी पसंद से काम करती है, लेकिन धार्मिक कट्टरता का शिकार हो जाती है। वह मिया थी – लेबनानी ईसाई पृष्ठभूमि की – पर हिजाब के एक सीन ने उसे “बदनाम मुस्लिम महिला” बना दिया। आज भी जब इस मुद्दे पर बात होती है, तो यही सवाल उठता है: क्या किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद पूरे समुदाय का अपमान बन सकती है? और क्या धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल सिर्फ उसी समुदाय तक सीमित होना चाहिए?

मिया ने बाद में पॉर्न इंडस्ट्री छोड़ दी और नॉर्मल जीवन जीने की कोशिश की। लेकिन वह विवाद आज भी याद किया जाता है – एक युवती की, जो मुसलमान नहीं होने के बावजूद हिजाब की वजह से मौत की धमकियां झेल चुकी है।

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