दिल्ली। मैरी मिलबेन ने भारत के युवा देशभक्तों से कहा कि चुप रहने का समय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत दिपके और कॉकरोच पार्टी (@Cockroachisback) को अमेरिका के उन डोनर्स से फंडिंग मिल रही है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व वाले भारत के भविष्य के खिलाफ हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मोदी, जिन्होंने 25 साल सेवा की है (12 साल प्रधानमंत्री के रूप में, तीन बार लगातार चुने गए), अपने देश से आने वाली इन विघटनकारी ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने वैश्विक पैटर्न का जिक्र किया—कंजर्वेटिव नेताओं को निशाना बनाकर अमेरिका में पढ़े-लिखे व्यक्ति को रेडिकलाइज कर अपने देश भेजकर अराजकता और विनाश फैलाना। ऐसे प्रयास सफल नहीं होते लेकिन विकास और शासन को प्रभावित जरूर करते हैं। अंत में उन्होंने भारत की मिट्टी पर जन्मे, पले-बढ़े और शिक्षित नए आवाज को संगठित होकर कॉकरोच पार्टी की विघटनकारी भावना के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने और लोकतंत्र व स्वतंत्रता की रक्षा के लिए काउंटर मूवमेंट चलाने का आह्वान किया—“उठो, युवा देशभक्तों!”

मैरी मिलबेन का यह संदेश भारत के राष्ट्रवादियों के लिए गंभीर चेतावनी है। यह सिर्फ एक गायिका की टिप्पणी नहीं, बल्कि विदेशी हस्तक्षेप के आरोप पर आधारित है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), जो शुरू में एक व्यंग्यात्मक युवा आंदोलन थी और परीक्षा लीक, बेरोजगारी जैसी मुद्दों पर उठी, अब चुनाव आयोग समेत बड़े विरोधों में शामिल है। मिलबेन का दावा है कि अमेरिका आधारित डोनर्स, जो मोदी के खिलाफ हैं, ऐसे समूहों को फंडिंग दे रहे हैं। उन्होंने वैश्विक पैटर्न बताया—कंजर्वेटिव/राष्ट्रवादी नेताओं को टारगेट करना, यूएस-शिक्षित व्यक्ति को प्रभावित करना, वापस भेजकर अस्थिरता पैदा करना। इससे शासन बाधित होता है और विकास प्रभावित होता है, भले ही आंदोलन पूरी तरह सफल न हो।

इसका गहरा मतलब यह है कि राष्ट्रवादियों को सतर्क रहना चाहिए। बाहरी फंडिंग या प्रभाव वाले आंदोलन देश की स्थिरता और चुनावी मंडेट को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने “भारत की मिट्टी पर जन्मे, पाले-पोसे और शिक्षित” आवाज को उठने का आह्वान किया, जो शांतिपूर्ण और संगठित विरोध के जरिए लोकतंत्र की रक्षा करे। यह याद दिलाता है कि असली देशभक्ति स्थानीय जड़ों, स्थिर शासन और निरंतर विकास में है। मोदी की लंबी सेवा और तीन बार की जीत का जिक्र करके वे स्थिरता का समर्थन कर रही हैं। कुल मिलाकर, यह संदेश युवा राष्ट्रवादियों को जागरूक करता है कि अराजकता के बजाय स्वदेशी, रचनात्मक काउंटर-मूवमेंट चलाएं, ताकि विदेशी ताकतों के प्रभाव से देश की दिशा न भटके।



