मित्रो, रामचंद्र गुहा का ताज़ा कॉलम भी पढ़ लीजिए…

ram-guha.jpg.avif

सुदीप ठाकुर

रायपुर: इतिहासकार और महात्मा गांधी की खासी सराही गई जीवनी सहित समकालीन भारत में कुछ बेहतरीन किताबें लिखने वाले रामचंद्र गुहा के पिछले कॉलम पर खासा बवाल मचा। मूल रूप से द टेलीग्राफ और करीब दर्जन भर अन्य संस्थानों में छपने वाले अपने कॉलम में रामचंद्र गुहा ने नरेंद्र मोदी और भाजपा की जीत के लिए राहुल गांधी और गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाया था।

इसे कई लोगों ने यह माना कि रामचंद्र गुहा भी उस पाले में चले गए हैं। उनके इतिहास बोध से लेकर समकालीन राजनीति और अर्थव्यवस्था तक की उनकी समझ पर सवाल उठाए गए। यहां तक कि कुछ लोगों ने इस अंदाज में सवाल किया था कि देखते हैं कि अगली बार वह क्या लिखते हैं। मैंने इस संबंध में लिखी अपनी पोस्ट में उनके कुछ नए पुराने उन कॉलम का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने भाजपा और खासतौर से नरेंद्र मोदी की अधिनायकवादी छवि को रेखांकित किया था।

रामचंद्र गुहा ही नहीं, बल्कि किसी भी बौद्धिक की मान्यताएं खारिज की जा सकती हैं। इतिहास गवाह  है कि महान दार्शनिक प्लेटो की आदर्शवाद और समता संबंधी कुछ मान्यताओं को उनके शिष्य अरस्तू ने ही खारिज कर दिया था!

भारत तो वैसे भी विमर्श वाला देश है। यह अलग बात है कि यह विमर्श एकालाप में बदलता जा रहा है। और यह एकालाप सत्ता के शिखर तक से जोरशोर से रहा है। दिक्कत यह है कि रामचंद्र गुहा ने जो लिखा उस पर एतराज या विमर्श के बजाए बात उनकी बौद्धिकता और समझ पर आ गई।

तो इस बार रामचंद्र गुहा ने क्या लिखा?

रामचंद्र गुहा ने द डेलीग्राफ के ताजा कॉलम ( 13.6.2026) में देश की अर्थव्यवस्था और आम तौर पर पूरे हालात के बारे में लिखा है।

इसका शीर्षक है, Control freaks!

इसका तर्जुमा सर्वसत्ताधारी या अधिनायकवादी या इसके करीब कुछ हो सकता है। यानी पूरा नियंत्रण।

उन्होंने अपने कॉलम में देश की आर्थिक बदहाली और उस पर देश के चुनींदा अर्थशास्त्रियों की चिंताओं की चर्चा की है। वह अपने ढंग से देश की बदहाली की शिनाख्त करते हुए लिखते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी तीन लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं…. पहला, वह किसी भी सूरत में सत्ता में बने रहना चाहते हैं…. वह लगातार चौथा चुनाव जीतना चाहते हैं ताकि किसी भी तरह से उन जवाहरलाल नेहरू के चुनाव जीतने के रिकॉर्ड को तोड़ सकें, जिनकी वे सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं, लेकिन मन ही मन उनस ईर्ष्या करते हैं। दूसरी है, पर्सनाल्टी कल्ट यानी व्यक्तित्व पूजा।

वह लिखते हैं कि उनकी यह छवि बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन खर्च किया गया है। मोदी की तीसरी आकंक्षा हिंदू राष्ट्र से जुड़ी हुई है। मोदी ने 2014 का अपना नारा सबका साथ सबका विकास पीछे छोड़ दिय है। रामचंद्र गुहा लिखते हैं, नरेंद्र मोदी की तीनों महत्वाकांक्षाओं में से दो को अमित शाह पूरी तरह साझा करते हैं—अपने लिए अधिक राजनीतिक शक्ति और हिंदू बहुसंख्यकवाद का विस्तार।

उन्होंने यह भी लिखा है कि अमित शाह खुद को मोदी के वफादार सहयोगी नहीं, बल्कि संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देख रहे हैं। उनकी ताकत को चार बिंदुओं में आंका है। उन्होंने लिखा है कि किस तरह से मोदी और शाह ने हिंदुओं में यह भय पैदा कर कि वे अल्पसंख्यकों (मुस्लिमों) से दब जाएंगे, एक हिंदू वोट बैंक तैयार कर लिया है। दूसरा महिलाओँ और किसानों को नकद भुगतान। तीसरा, चुनाव आयोग , ईडी जैसी संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण और चौथा चुनींदा पूंजीपतियों को बढ़ावा देना, ताकि वे बदले में भाजपा को धन दें।

रामचंद्र गुहा ने मोदी-शाह के सत्ता पर नियंत्रण को प्रेस पर दबाव बनाकर और गोदी मीडिया को बढ़ावा देकर  भी आसान किया गया है।

टीवी चैनलों के बारे में वह लिखते हैं….In the case of television, the regime has gone beyond suppression, turning news anchors into attack dogs charging the Opposition with all sorts of faults and failures while never holding the government to account at all.

इसके साथ ही, रामचंद्र गुहा ने एक बार फिर कांग्रेस के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया है। लिखा कि,  2013 में जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब 14 राज्यों में उसकी सरकारेे थीं। भाजपा की चार राज्यों में। 13 साल बाद तीन लोकसभा चुनाव जीतकर भाजपा की 22 राज्यों में सरकारें हैं। कांग्रेस की चार राज्यों में सरकार है और दो राज्यों में वह गठबंधन सरकार का हिस्सा है।

(सोशल मीडिया से साभार)

टेलीग्राफ में रामचन्द्र गुहा का प्रकाशित लेख : https://www.telegraphindia.com/opinion/control-freaks-the-modi-regimes-failure-to-undertake-economic-reforms-prnt/cid/2165281#goog_rewarded

Share this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

scroll to top