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Aditya Chopra: Alpha Mission or Honey Trap Operation?


To promote the film, Shah Rukh Khan, Salman Khan, and even Dhruv Rathee have stepped in. When so many “Dhurandhars” come together to promote a single film, you should understand that there is less content and more agenda. On one side “Mission Alpha,” on the other side “Mission Agenda Setting.”In short, Aditya Chopra sahab has once again repeated his old formula — a little bit of action, heaps of flaws, one spoon of propaganda, and Alia Bhatt standing with a serious face. The audience is already fully prepared — popcorn in one hand and the mood to roast the film in the other.
Alpha is coming, but the film’s brain is still stuck in the Beta version.
आदित्य चोपड़ा: अल्फा मिशन या हनी ट्रैप ऑपरेशन?
सबसे पहले तो बॉबी देओल का वो सीन। बेटी के कंधे पर ‘ए’ का टैटू बनवा दिया, फिर जब बेटी पूछती है ‘ये क्या है पापा?’, तो बॉबी गंभीर मुद्रा में बोलते हैं — “ये सीक्रेट है बेटा।” अरे भाई, बाजू पर बना के सीक्रेट क्या बचा? ये तो वैसा ही है जैसे कोई अपना आधार कार्ड फेसबुक स्टेटस पर डालकर लिखे “पर्सनल इंफॉर्मेशन, प्लीज डू नॉट शेयर”। आदित्य चोपड़ा की फिल्मों में लॉजिक का यही हाल होता है – पहले चीज को खुल्लमखुल्ला दिखाओ, फिर उसे ‘सीक्रेट मिशन’ बोलो।
अब आलिया भट्ट की बारी। उनकी किरदार का नाम सीता रखा गया है। नाम सुनकर ही फिल्मी पंडित चीख रहे हैं – ‘प्रोपगैंडा! प्रोपगैंडा!’। मिशन पर जा रही आलिया को देखकर लगता है वो किसी पाकिस्तानी जासूस को हनीट्रैप करने निकली है, न कि देश बचाने। अगर बीच में एक स्लीवलेस सीन आ गया तो पूरा देश चिल्लाएगा – “अरे! गंगाधर ही शक्तिमान है!”। सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो जाएंगी कि यार, ये मिशन है या फैशन वीक?
वाईआरएफ की पिछली फिल्म बुरी तरह पीट चुकी थी। अब नई फिल्म से पहले ही लोग टीजर के कमेंट्स में लिख रहे हैं – “पहला दिन, पहला शो? भाई, उसी दिन मैं फिर धुरंधर देख लूंगा”। इतने दिन पहले ही फिल्म को पीटने की रिहर्सल चल रही है, रिलीज के बाद तो क्या हाल होगा, सोच भी नहीं सकते।

फिल्म प्रमोट करने में शाहरुख खान, सलमान खान से लेकर ध्रुव राठी तक उतर आए। जब इतने ‘धुरंधर’ एक साथ किसी फिल्म को प्रमोट करें तो समझ लेना चाहिए कि फिल्म में कंटेंट कम, एजेंडा ज्यादा है। एक तरफ तो ‘मिशन अल्फा’, दूसरी तरफ ‘मिशन एजेन्डा सेटिंग’।
कुल मिलाकर आदित्य चोपड़ा साहब ने फिर वही पुराना फॉर्मूला दोहराया है – थोड़ी बहुत एक्शन, ढेर सारी खामियां, एक चम्मच प्रोपगैंडा और आलिया भट्ट को गंभीर चेहरा बनाकर खड़ा कर दो। दर्शक पहले ही तैयार बैठे हैं – पॉपकॉर्न साथ में, मजाक उड़ाने का मूड भी साथ में।
अल्फा आने वाली है, पर फिल्म का ब्रेन तो अभी भी बीटा वर्जन में ही अटका पड़ा है।






